बूझो तो जानो , कह , पीड़ , मुखातिब है ,
और बेपीर , जान के भी अनजान खड़ा है ,
हाथों में भूख के , देख भीख कटोरा ,
राही फेर के मुख , अंधों सा खड़ा है !!
और बेपीर , जान के भी अनजान खड़ा है ,
हाथों में भूख के , देख भीख कटोरा ,
राही फेर के मुख , अंधों सा खड़ा है !!
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