Wednesday, 14 August 2013

मंजधार   में  फंसना  ,  और  बच  के  निकल  जाना  ,
जानता  है  वो , मुश्किल  से , हंस  के  निकल  जाना !!

निभा  लेना  इक  रीत  फिर ,
फिर  तिरंगा  फहरा  लेना  ,
वर्ष  में  आज  के  दिन  ,
देशभक्ति  के  गीत  सुन  लेना ,
बाँट  देना  फिर  कुछ  पदक ,
कुछ  सच्चे  ,  कुछ  झूठे ,
देशभक्तों  में  ,  नाम  लिखा  लेना ,
पर  दिल  में  जो  जज़्बा  है ,
दिखता  है  ,  बस  नाम  को ,क्योंकि  ,
राष्ट्र गीत , तरसता  है , सम्मान  को  ,
चुभता  हो  अपमान  तो ,  और  ,
कभी  मिले  फुर्सत , तुम , खड़े  हो  लेना !!
सताए हुए  किस्मत  के  सही , पर  जिंदगी  से  न  हारे  हैं ,
कुछ  ऐसे  भी  इंसान  हैं  , जुड़े  पेट  से , भूख  से  न  हारे  हैं !!

वो  चंचल , मृग  छौने , फुदकते  झुरमुटों  से  ,
मेरे  दिल  को  नचाने  निकले  ,
और  मैं  जानवर  बन  ,
प्रकृति  को  लूटने  का  मन  बना , निकला ,
छि ! मैं  कितना  जानवर  निकला  !!

Monday, 12 August 2013

ढूंढते  रहे , जीवन  भर  संकल्प  कोए  ,
बिना  साधन  भूख  , हिवड़े में  संजोये  ,
बीनते  रहे  कूड़ा  कर्कट  सड़क  से ,
और  झिड़कियों  का  दर्द  नयनों  को  भिगोये ,
नंगे  पैरों   में न कांटे , न  तपती  रेत ,
जलन  कोई  दे  गया  तो  , बस इंसानी  भेद !!

अब  तो  मंगल  पे  भी  अमंगल  हो  गया ,
इक  लाख  इंसान  ?   न  लौटने  का  इरादा  ले ,
टिकट , स्पेस  एजेंसी   में   लेने  गया  !!

कुछ  चर्चे  हैं  , सुना  तेरे  नाम  के ,
पर  चाल  धीमी  न  हो  , सुन  शान  से ,
न  दिमाग़  ऊपर ,  न  असर  हो  काम  पे ,
तो  ये  चर्चे  ,  सदा  रहेंगे  , तेरे  सुन्दर  काम के  !!